होली का हुडदंग भाग-२
बोतल संग हो सोडा और कुछ नमकीन भी ,
ये शमा फिर यक़ीनन किसी जश्न सा हो जायेगा I
किसे को यूँ जबरदस्ती जाम देना है गुनाह,
देख लेना एक दिन तू ना खुदा हो जायेगा I
अद्धा भी कम पड़ रहा और तुम अभी पव्वे पे हो,
खुराक बढ़ा लो वर्ना फिर से झगडा हो जायेगा I
वैसे भी हुल्लड़ ने भी फरमाया है कुछ इस तरह,
रोज़ पव्वा पी लिया तो पीलिया हो जायेगा I
अरे जश्न होली का हो तो जाम "तन्हा" ना रहे,
हमारे चूमने भर से ही बस इसका भला हो जायेगा I
कुछ देर में रंग लेकर हम आयेंगे तेरी मुडेर पर,
तुम भी आना प्रिये जब कुछ धुंधलका हो जायेगा I
अपनी प्रीत को कुछ यूँ रंगे की ताउम्र तक याद हो
क्या पता कल का, कल वक़्त क्या से क्या हो जायेगा I
शेर बस बस यूँ अपने आप ही बनते चले ही जायेंगे
रंग की मस्ती मैं जब दिल शायराना हो जायेगा II
कमल वर्मा ०९:२५ शाम
१७/०३/२०११
गुरुवार, 17 मार्च 2011
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